जो देता है मुसीबत में सहारा ! जो देता है मुसीबत में सहारा !
यह मुस्कान की भाषा तो प्यारे बांटते रहो मधुर मुस्कान तुम। यह मुस्कान की भाषा तो प्यारे बांटते रहो मधुर मुस्कान तुम।
शक्ति का भंडार है नारी दुर्गा का अवतार है नारी बेनकाब हर वह शख़्स हो जिसके भी अंदर राक्षस हो शक्ति का भंडार है नारी दुर्गा का अवतार है नारी बेनकाब हर वह शख़्स हो जिसके भी ...
मगर तू कट्टर बनता है, तो यह हम सब को धोखा है। मगर तू कट्टर बनता है, तो यह हम सब को धोखा है।
नफरत न फैल जाए, संभल जाओ चमन वालों । कुछ दौर ही ऐसा है सब , मिल के संभालो। नफरत न फैल जाए, संभल जाओ चमन वालों । कुछ दौर ही ऐसा है सब , मिल के संभालो।
निश्छल निर्विकार युग उत्कर्ष का पल पल पग भाग्य भारत का स्वाभिमान लिखूंगा ।। निश्छल निर्विकार युग उत्कर्ष का पल पल पग भाग्य भारत का स्वाभिमान लिखूंगा ।।